

64 Yoginis Names and Mantras

-
सौम्या योगिनी – ॐ सौम्यायै नमः
-
उग्रयोगिनी – ॐ उग्रायै नमः
-
सिद्धलक्ष्मी योगिनी – ॐ सिद्धलक्ष्म्यै नमः
-
वज्रयोगिनी – ॐ वज्रयोगिन्यै नमः
-
रति योगिनी – ॐ रत्यै नमः
-
शची योगिनी – ॐ शच्यै नमः
-
भद्रकाली योगिनी – ॐ भद्रकाल्यै नमः
-
विन्ध्यवासिनी योगिनी – ॐ विन्ध्यवासिन्यै नमः
-
श्रीविद्या योगिनी – ॐ श्रीविद्यायै नमः
-
कुवेरि योगिनी – ॐ कुवेर्यै नमः
-
यमघण्टा योगिनी – ॐ यमघंटायै नमः
-
कालरात्रि योगिनी – ॐ कालरात्र्यै नमः
-
भद्रा योगिनी – ॐ भद्रायै नमः
-
महाभद्रा योगिनी – ॐ महाभद्रायै नमः
-
गंगा योगिनी – ॐ गंगायै नमः
-
यमुना योगिनी – ॐ यमुनायै नमः

-
अष्टादश भुजा योगिनी – ॐ अष्टादशभुजायै नमः
-
महिषमर्दिनी योगिनी – ॐ ह्रीं महिषमर्दिन्यै नमः
-
कात्यायनी योगिनी – ॐ कात्यायन्यै नमः
-
अन्नपूर्णा योगिनी – ॐ अन्नपूर्णायै नमः
-
काली दुर्गा योगिनी – ॐ दुर्गायै नमः
-
भैरवी योगिनी – ॐ भैरव्यै नमः
-
अरुणा योगिनी – ॐ अरुणायै नमः
-
शुभांगी योगिनी – ॐ शुभांग्यै नमः
-
रुद्राणी योगिनी – ॐ रुद्राण्यै नमः
-
उग्रतारा योगिनी – ॐ ह्रौं उग्रतारायै नमः
-
नीलसरस्वती योगिनी – ॐ ऐं नीलसरस्वत्यै नमः
-
पृथ्वी योगिनी – ॐ पृथ्व्यै नमः
-
जल योगिनी – ॐ जलेश्वऱ्यै नमः
-
अग्नि योगिनी – ॐ अग्न्यै नमः
-
वायु योगिनी – ॐ वायव्यै नमः
-
आकाश योगिनी – ॐ आकाश्यै नमः
-
ताम्राचूडा योगिनी – ॐ ह्रीं ताम्रचूडायै नमः
-
सर्वज्ञा योगिनी – ॐ ह्रीं सर्वज्ञायै नमः
-
सिद्धिदात्री योगिनी – ॐ सिद्धिदात्र्यै नमः
-
कामेश्वरी योगिनी – ॐ क्लीं कामेश्वर्यै नमः
-
कौमारी योगिनी – ॐ कौमार्यै नमः
-
वैष्णवी योगिनी – ॐ विष्णव्यै नमः
-
वाराही योगिनी – ॐ वाराह्यै नमः
-
इन्द्राणी योगिनी – ॐ इन्द्राण्यै नमः
-
चामुण्डा योगिनी – ॐ चामुण्डायै नमः
-
महालक्ष्मी योगिनी – ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
-
महासरस्वती योगिनी – ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः
-
महाकाली योगिनी – ॐ क्रीं महाकालयै नमः
-
अष्टभुजा योगिनी – ॐ ह्रीं अष्टभुजायै नमः
-
दशभुजा योगिनी – ॐ दशभुजायै नमः
-
एकाक्षरी योगिनी – ॐ ह्रीं एकाक्षर्यै नमः
-
त्रिनेत्री योगिनी – ॐ ह्रीं त्रिनेत्र्यै नमः
-
अजय योगिनी – ॐ ऐं नमः
-
विजय योगिनी – ॐ ह्रीं विजयै नमः
-
जया योगिनी – ॐ जं जयायै नमः
-
अपराजिता योगिनी – ॐ ह्रीं अपराजितायै नमः
-
काली योगिनी – ॐ क्रीं कालयै नमः
-
तारा योगिनी – ॐ त्रीं तारायै नमः
-
षोडशी योगिनी – ॐ षोडश्यै नमः
-
भुवनेश्वरी योगिनी – ॐ ह्रीं भुवनेश्वऱ्यै नमः
-
छिन्नमस्ता योगिनी – ॐ ह्रौं छिन्नमस्तायै नमः
-
धूमावती योगिनी – ॐ धूं धूमावत्यै नमः
-
बगलामुखी योगिनी – ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः
-
मातंगी योगिनी – ॐ ह्रीं मातंग्यै नमः
-
कमला योगिनी – ॐ श्रीं कमलायै नमः
-
नन्दा योगिनी – ॐ ह्रीं नन्दायै नमः
-
सुभ्रा योगिनी – ॐ ह्रीं शुभ्रायै नमः
-
कपिला योगिनी – ॐ क्लीं कपिलायै नमः
नोट:
-
इन नामों की सूचियाँ अलग-अलग स्थानों (खजुराहो, हीरापुर, रतनपुर आदि) में कुछ अंतर के साथ मिलती हैं।
-
ये सभी माता शक्ति के अंशरूप हैं।
-
प्रत्येक योगिनी का अपना मंत्र, ध्यान और साधना-विधि होती है।
योगिनी साधना निर्देश
यदि आप योगिनी साधना करना चाहते हैं, तो उचित मुहूर्त का चयन करें। साधना को पूर्णिमा से पूर्णिमा अथवा अमावस्या से अमावस्या तक किया जा सकता है। यह साधना प्रायः रात्रि 11 बजे से प्रातः 3 बजे तक की जाती है। प्रतिदिन कम से कम 1000 मंत्र जाप अनिवार्य है।
साधना में सुगंधित एवं मीठा भोग अर्पित करें जैसे – शहद, पुष्प, इत्र, मीठा पान, लाल वस्त्र इत्यादि। साधक का आचरण पवित्र होना चाहिए – सबके प्रति सम्मान, प्रेम और भक्ति भाव आवश्यक है। संगीत से प्रेम और कम बोलना साधना को सफल बनाता है।
साधना या सिद्धि के विषय में किसी से चर्चा न करें। प्रत्येक साधना से पूर्व गणेश पूजन और गुरु पूजन अनिवार्य है। कुछ साधनाएँ विशिष्ट स्थलों पर ही सिद्ध होती हैं, यदि ऐसा स्थान उपलब्ध न हो तो आप अपने गुरु आश्रम या महादेव के मंदिर में साधना कर सकते हैं।
Yogini Sadhana Instructions
If you wish to perform Yogini Sadhana, choose the right muhurta (auspicious timing). The practice can be undertaken either from Full Moon to Full Moon or from New Moon to New Moon. The ideal time for sadhana is between 11 PM and 3 AM. A minimum of 1000 mantra recitations daily is required.
Offerings should include fragrant and sweet items such as honey, flowers, perfume, sweet paan, and red cloth. The practitioner must maintain purity in conduct – respect, love, and devotion for all are essential. Love for music and speaking less enhances the success of the sadhana.
Never reveal details of your practice or accomplishments to anyone. Before starting any sadhana, worship of Lord Ganesha and the Guru is mandatory. Some sadhanas require specific sacred places, but if such a location is not available, you may perform it in your Guru’s ashram or a temple of Lord Shiva.